ParamDham (P3Y Center in Faridabad)

Paramam Sharanam Gachhaami…Hansam Sharanam Gachhaami…Adwaitam Sharanam Gachhaami…Anandam Sharanam Gachhaami…Charanam Sharanam Gachhaami

P3Y: A Simple, but Highly Effective System

Live a happy and healthy life through paramdham P3Y, which works as a balm for your soul. P3Y is a unique system through which you can benefit from, regardless of the religious group you belong to, or whether you are an atheist or are an agnostic. Three things missing from modern life are robust health; harmony within the family; and above all, mental peace. P3Y gives you all these and more.

It is a simple system given to us by Paramji to overcome obstacles and realize our aspirations in the easiest way without suffering any distress, loss, or fraud. Trust, faith, and honesty are the three pillars on which this system rests. Trust in Paramji and your own honesty assure the efficacy of P3Y.

Let Your Own Experience Speak

If you have never tasted sugar or salt, would you know the difference in their respective tastes? No. Similarly, you will know whether P3Y works or not, learn how effectively you can use it to simplify your life, and be released from the shackles preventing your progress only after you have learnt about P3Y and have done Papr.

Paramji Vachan

मेरी अंतिम इच्छा---P3Y का अधिकतम फैलाव; ताकि जीव मात्र को लाभ होता रहे…

प्रति सप्ताह minimum 1 घंटा परमसेवा (P3Y prachar) करो। मेरा स्मरण कर के जाना। जहाँ जाओ, मेरा स्मरण कर के जाओ। मन मेरे पर, वाणी उस पर…

Discharge your duty most efficiently. कड़ा स्वभाव आप नहीं अपनाना। मन एकाग्र करके हाथ फेरना…

बकवासी को जवाब न दो। करना है, तो कर; नहीं तो छोड़ दो। लंबा समझाना नहीं। यहाँ प्रयोग का विषय है। ज्यादा समझाने से कुछ नहीं होता है…

कुछ भी संभव है ।...असंभव नाम की चीज़ ही नहि है । चिंता न करो, मुझ पर छोड दो , सब ठीक रहेगा…

समय होता नहीं है, निकलना परता है। अपने को सुखी बनाने के लिए P3Y प्रचार तो करना ही पड़ेगा…

काम पूरा होने के बाद वह भाई मुझे भूल गए। बेटा भी पढ़ाई लिखाई पूरी होने के बाद मम्मी पापा को भूल जाएगा। खिलाने पिलाने की बात तो किनारे रही,उपर से बोलेगा- मुझे पैदा करने के लिए मैंने आप को कहा था? क्यों पैदा कीया मुझे?

जो मेरा काम करेगा, वह राजा की तरह रहेगा । मेरा काम अर्थात P3Y प्रचार…

मुझमे अटूट विश्वाश रखो. में हु ही…

धैर्य रखनेसे Negative भी Positive हो जाता है…

मेरे पास वही आयेगा; जिसको पीछले जन्म में वचन दिया हुँ…

मेहनत तो करना ही पड़ता है। पैसा बचाना चाहिए। आमद से खर्च हमेशा कम होना चाहिए। खाने - पीने के लिए उधार नहीं लेना…

हम क्यों depress होवे? उस को depress कर दें। हम क्यों उस के कारण depress हो। परमजी हैं न साथ। सामने वाले को depress करो…

मत सोच रे वन्दे…इतना जिन्दगी के वारे में…मैंने ये जिंदगी दी हैं तो…कुछ सोचा होगा तेरे वारे मे…

सर्व भावेन मेरी शरण में आओ । जो कहा, वह ब्रह्म की लकीर मानो ।अपना कुछ न रखो ।कोई तर्क नहीं ।धीरज रखो। Without arguments, you should follow…

मेरी तथा मेरे प्रचारक की निंदा महाविनाशकारी है…

जो सीखना न चाहे,उसको भगाओ। समझाओ मत। Experiment करना मुझ पर छोड़ दो…

दया दिखाना नहीं। लघुता न रखो।रास्ता निकालो।क्या बना, यह सोचो; क्या नहीं बना, यह नहीं सोचो…

समर्पित रहो। आप के लाभ में होगा, वही होगा। नुकसान कारक काम नहीं होगा। मेरे कंधे पर बंदूक न रखो…

प्रति 100 metres के अंतर पर मेरा आदमी है ही।आप जाकर उसे जगाओ। मेरा काम करो ; खूब सन्मान, पैसा और आराम मिलेगा…

जिसका कोई नहीं उसके तो परमजी हैं यारों l P3Y करो सुखी बनो सुखी बनाओ…

ParamShakti अनादि काल से है। वह पुरुष भी नहीं, स्री भी नहीं। वह मेरे लाभ के लिए ही काम करती है। वह मेरी सुख- सुविधा का ख्याल रखती है…

P3Y experiment is harmless. Opportunity is given to you, take it or leave it, That's your choice…

समझाने से कोई नहीं मानता। निंदक हमेशा निंदक रहते है। परमजी के काम में दुख निवारण, गरीबी निवारण और रोग निवारण भी है…

Muze me Blind Faith rakho…

Dukhi mat ho. Tumne Muze prapt kar liya hai. Apni Deh aur man se upar utho. Sadhna karo. Aur Swayam ko pahchano…

मेरा प्रचारक अगर सुजाव देता हे उसकी बात मानो उसमे आपको फायदा ही होगा और भारी नुकशान मे से बचोगे…

समय होता नही है निकालना पड़ता है। जब हमें जरुरत होती है ,परमजी हमे सुखी करते हैं,इच्छा पूर्ति के पहले या इच्छा पूर्ति के बाद P3Y प्रचार करके हमें और सुखी होने के लिये स्वंय प्रयास करना चाहिये…

ParamShakti आप की वही इच्छाएं पूरी करती है, जो परमजी को लाभकारी हो।जो इच्छा परमजी के लिए लाभकारी है, वह आपके लिए भी लाभकारी होगा…

मानव बड़ा बेईमान है। कोई किसी का नहीं है। सब को अपना सुख प्यारा है…

मेरी सर्वोत्तम इच्छा - विश्व का प्रत्येक प्राणी मेरी विद्या का लाभ ले, और सुखी हो…

हमें जल्दी फैलना है। मेरा स्मरण कर लेना, सब ठीक रहेगा। आशीर्वाद साथ है, कर के तो देखो…

मेरी आज्ञा का उल्लंघन कभी नही करना । मन से सावधान रहना…

P3Y करने में सावधानी रखनी पड़ती हे…

ईमानदार रहो, ईमानदार व्यक्ति को कोई नियम लागु नहीं पड़ता…

दु:ख का कारण खुद का मन भी है, मन मे रही हुइ त्रुटियोको आज ही दुर करो ।वह होगा --नित्य परमयोग से और अनुभवी की बात का ध्यान रखने से…

मेरा शिष्य हो और धनि न हो वह हो ही नहीं शकता…

प्रचार करते समय बोलने में extremes पर नहीं जाओ। लोगों से कहने पर मैं extreme वाला बोला,तो झगड़ा हुआ है…

आप सतर्क रहना। लोग कामी,लोभी कहकर, या ये दोनों कह न पावे, तो अंत में क्रोधी कहकर बदनाम करेंगे…

आप का सब ठीक रहेगा। नजदीक के आदमी 1 - 2 ही होते हैं। Inferiority complex वालों को जल्दी से उपर उठा देने से वे मुझ से ही लड़ना चालु करते हैं…

दादागिरी नहीं करना। मध्यममार्गी रहना। लडाई- झगड़ा से कोई फायदा नहीं। कहाँ भागना, कहाँ लड़ना, मेरा स्मरण करना, correct judgment आ जाएगा…

Mere virudth(विरुद्ध) nahin sunna(सुनना)…

सुखी जीवन के लिए ..अपने को कष्ट में रहना नहीं, और दूसरों को कष्ट देना नहीं। जो अपने को कष्ट देने आवे, उसको डबल कष्ट दो…

ज्यादा भावुक्ता दुख का कारण है…

Jis me lamba fayda hota hai, us me shuruat me ghata bhi hota hai. Phir bhi dhiraj rakho…

Mere virudh sunna nahin.Meri vani ke virudh karna nahin,virudh karne walon ka sath bhi nahin dena…

आप मेरा काम करो (P3Y Prachar ) मैं आपका काम करुँगा…

I am the Absolute –अक्षर…

धीरे से सब होता है। Preplanning करो, उस से nervousness नहीं आएगी। मैं पढाई में भी preplanned रहा…

व्यक्ति अपने मन से ही दुखी होता है; अपने मन से ही सुखी होता है…

जब कोई मुझे guardian बनाये, तभी मैं ग़लती बताता हूँ, नहीं तो नहीं दिखाता। मित्र को ग़लती बताना नहीं। दुनिया चलती है, सृष्टि विचित्र है…

Dukhi mat ho. Tumne Muze prapt kar liya hai. Apni Deh aur man se upar utho. Sadhna karo. Aur Swayam ko pahchano…

किसी को तकलीफ़ देकर मुझसे अपनी ख़ुशी की दुआ मत करना। लेकिन... अगर किसी को एक पल की भी ख़ुशी देते हो तो अपनी तकलीफ़ की फ़िक्र मत करना…

दुष्ट सज्जन बन के आए, तो भी उसको नहीं छोड़ना। सोचने का ढंग बदलो…

कोई क्या अर्थ लगा रहा है, यह अपने मन से नहीं मान लेना। उसको ही पूछ लेना, भाई तेरा बोलने का क्या अर्थ है?

आज में जिओ, मन को भूतकाल में न जाने दो…

साधना करते रहो। मेरा ध्यान करो। मेरे मे पूर्ण विश्वास रखो । सब कुछ मेरे पर छोड़ दो। धैर्य रख। सब ठीक रहेगा…

मेरी शरण लो। मेरे आदेश का पालन करो। मेरे निंदक से दूर रहो...

जो मै कहू आँख मूँध कर करो सब ठीक रहेगा

Sadhna se Shakti milti मिलती hai…

कितने बने,यह देखना;कितने नहीं बने,यह नहीं देखना। मेरी पराशक्ति काम करेगी…

हरेक क्रिया के अंत में समर्पण करो, मनो मन, वाणी में नहीं…

मेरे कहे अनुसार करोगे, तो ही आप फैलोगे…

खूब आदमी बनेंगे; धीरे धीरे बनेंगे। जल्दी बनने वाला ग्रुप जल्दी टूटता है…

झूठ के तीन प्रकार हैं- तामसिक; अपने को लाभ नहीं, दूसरे को नुकसान। राजसिक; अपने को लाभ, दूसरे को नुकसान। सात्विक; बला टालने के लिए झूठ बोला गया, दूसरे को नुकसान नहीं…

मेरी वाणी काम करती है।मेरी वाणी ही पराशक्ति है…

मेरा कोई लक्ष्य है, उस की ओर हम आगे बढ़ रहें हैं…

मुझे 1 पैसा देने की प्रतिज्ञा से 2 से 1000 पैसे का लाभ होगा…

आलसी की कोई मनोकामना पूरी नहीं होगी…

मेरा वाणी काम करती है, मेरी पराशक्ति काम करती है…

मेरा ठीक से प्रयोग करे,तो कहीं भी जाओ;सफलता मिलेगी…

दुख आने पर अपने में खोजो,गलती सुधारों,बोलने का modify करो। अगर अपनी गलती न हो, तो depress नहीं होना। Ministers भी तेरे से लघुता अनुभव करेंगे…

परमयोग भी ठीक है। परमयोग और P3Y prachar एक-दूसरे के पूरक हैं। अकेले परमयोग से कुछ नहीं होगा; और P3Y prachar के साथ परमयोग भी चाहिए…

The God, gods, godesses do not have their own separate existence. They too exist in me. I alone exist…

Sadhana se Shanti aur sadbuddhi सद्बुद्धि prapt hoti hai. Sadhana se koi sthul chij स्थूल चीज prapt nahi hoti hai. Vah to तो Sadhana se bane बने Shant man मन aur और Sadbuddhi ka upyog उपयोग kar ke prapt karni padti करनी पडती hai…

मुझे पैसे की जरूरत नहीं, मुझे P3Y प्रचार चाहिए; मुझे फैलाव चाहिए। मेरा कोई लक्ष्य है…

जब भी लगे काम नहीँ बन रहा या काम बनने में देरी हो रही है ,बस P3Y साहित्य लो और प्रचार करना शुरु कर दो।प्रचार किसी भी माध्यम से किया जा सकता है…

जो परमजी निन्दा करे,उसको डीप्रेस करो। मेरा स्मरण कर के कहो - उस को बीमारी,अपयश मिलेगा। मेरी तथा मेरे प्रचारक की निन्दा महाविनाशकारी है…

जो नुकसान वाला होगा; परमजी का, आपका और अन्य का वह नहीं होगा। बाकी सब होगा…

मेरी सर्वोत्तम इच्छा - विश्व का प्रत्येक प्राणी मेरी विद्या का लाभ ले, और सुखी हो…

P3Y को सुनाने में किसी के पीछे न पडिए। जो रुचि न रखे, उसे छोड़ दो। दुःखी को तथा जरूरतमंद को ही सुनाओ…

मेरा बहुत बड़ा विरोध हुआ है। आप का बहुत कम होगा; मगर होगा। यह आशा नहीं रखिए, कि विरोध नहीं होगा…

आप लिखो,लिखकर rewrite करो।अपना brain खोलो, सब में हाँ, हाँ नहीं करो। मेरी पराशक्ति आप के साथ है; आप यत्न करो, सफलता अवश्य मिलेगी…

मुझे मानव मानो,तो भी मैं best friend रहूँगा, शुभचिंतक रहूँगा, हँसाता रहूँगा…

परमजी में खूब शक्ति है उस शक्ति का प्रयोग जो कर्ता है उसकी इच्छा जल्दी पूरी होती है…

Presence of mind हमारे पर मन लगाने से आ जाता है…

जो मेरे लायक हैं, उन सबको अनुभव होगा; जब मांगे, तब होगा…

जो भी होता हैं मेरी ही इच्छा से होता हैं…

तुम सोचते कुछ और हो और होता कुछ और हैं । एक माँ की तरह मैं तुम्हारा ख़याल रखता हूँ , तुम्हारे लिये क्या अच्छा हैं और क्या नही, ये मुझसे बेहतर कोई नही जानता इसलिये जो कुछ हो रहा हैं उसी मे प्रसन्न रहो…

Heaven may fail. But my words will not fail. My words are true as the sun rises in the east…

मेरा दर्शन मना है। बिलकुल कट्टर बनाना…

संकट के समय जब भी तुम मुझे याद करते हो , मैं उसी समय किसी ना किसी रूप मेंं प्रकट हो तुम्हारी मदद कर देता हूँ । फिर अब भी तुम क्यों चिंता करते हो ? क्या तुम्हारा विशवास दृढ़ नहीं ? मुझे पर भरोसा रखो और चरणं शरणं गच्छामी जपते रहो…

कोई कमी पड़े, तो माँग लेना। मुझ पर सब छोड़ दो, problem solve हो जाएगा…

यात्रा में अपनी पहचान, रुपये, कहाँ जाना...यह अनजाने को नहीं कहना। यात्रा में absolute सच नहीं बोलना…

किसी को ज्यादा समझाना नहीं; व्यक्ति वही करता है, जो उसे करना होता है…

Paramji ki कोई निन्दा करे, तो उस का अपमान करना, या प्रोग्राम केन्सल करना…

जो समय नष्ट करे, उन से दूर रहो; गर आगे बढ़ना है। जो सिर्फ 9 inches में जी रहा है, उन से भी दूर रहो…

हरेक परिस्थिति का use है, किसी भी परिस्थिति का use कर लो। विरोध हो गया, तो क्या हो गया? विरोध का फायदा उठाओ…

अंततोगत्वा तुझे respect मिलेगा। धैर्य तो धारण कर।समर्पण कर दो। पूरा समर्पण कर दो…

मुझ पर सब छोड़ दो…

हमारे विरुद्ध बोलने ही नहीं देना है…

अगर लाभ लेना है, तो मेरे दर्शन की जरूरत नहीं; अगर लाभ नहीं लेना हो,तो दर्शन की क्या जरूरत?

मुझसे जो मांगोगे वही मिलेगा…

मेरे कारण कोई दुख नहीं आएगा। दुख आप के प्रारब्ध के कारण आएगा…

मैं आराम से रहूँ;मेरे आराम के साथ साथ आप को भी आराम मिले - यह मेरा ध्येय है…

निष्ठा नहीं होगी, तो मेरा काम नहीं होगा…

कुछ भी संभव है ।...असंभव नाम की चीज़ ही नहि है । चिंता न करो, मुझ पर छोड दो , सब ठीक रहेगा…

मुझ से जो मांगोगे, मिलेगा परन्तु मांगना पड़ेगा…

मुझे तो फैलाव से मतलब ।मैं कट्टर सनातनी हूँ ।मेरे प्रति जितनी कट्टरता ज्यादा, उतना मेरे से लाभ ज्यादा…

मेरे चरणों में,वाणी में लक्ष्मी का वास है। मेरा शिष्य हो कर धनी ना हो,हो ही नहीं सकता…

P3Y प्रचार से लोगों के इतने काम बनेंगे, कि तुझे खूब यश मिलेगा …

आप भी निर्भय रहिए । मैं आपको मार नहीं खाने दूंगा। मैं सारे विश्व से गुजर चुका हूं। कहीं मार नहीं खाया…

परमजी सुप्रीम हैं ।परमजी इस विश्व में सबसे बड़े हैं ।मुझे गौरव है कि मैं उनके संपर्क में हूँ…

परमजी खराब प्रारब्ध मिटा भी सकते हैं, और नया लिख भी सकते हैं। परमध्यान में मेरे से मँगाने पर आपको मेरा परिचय मिलेगा…

मेरा प्रचारक अगर सुजाव देता हे उसकी बात मानो उसमे आपको फायदा ही होगा और भारी नुकशान मे से बचोगे…

समय होता नहीं है निकालना पड़ता है। तु मेरा काम कर मैं तेरा काम करूँगा…

मेरे पर धूल फेंकेगा,उस पर धूल आएगा। विरोधी व्यक्ति बात मान जाय, ऐसा लक्ष्य मत रखो…

अपना मन धोका देता हे. अपने मन से सावधान रहे. समय समय अपने मन को समजते रहे. परम योग करे और मांग ले मन शांत हो जायेगा…

अति आशा मेरा भी पूरा नहीं होता है; कई का प्रारब्ध जुड़ा होता है…

कोई आदमी आपके साथ कटुता से पेश आवे ।इसका अर्थ है कि 1. वह आदमी हर एक के साथ करता होगा; सिर्फ आपके साथ नहीं। 2. आप के कारण होगा। पूर्वजन्म में आपने कुछ किया होगा…

जो पैसा दे, वह निंदा नहीं करता है। जो पैसा नहीं देता है, वही निंदा करता है…

कोई मगजमारी नहीं ।सहज भाव में लेना हो, तो लो।नहीं तो हटो…

जो मेरा विरोध करेगा, वह बाद में अधिक पैसा देने आएगा…

यह आशा नहीं रखिए, कि विरोध नहीं होगा। मेरी निंदा सुनना ही नहीं। उसको मारो या उठकर चल दो…

परमजी की निन्दा से खराब प्रारब्ध आगे आ जाता है…

मेरा यह जन्मजात गुण है…जन्म से ही है। बचपन में भी जिनको कमर दर्द होता था, उनकी कमर लात रखता था, दर्द दूर होता था। मेरे से मांगने पर लोगों को शांति मिलती थी, काम बनता था। मेरी मां यह देख कर बड़ी हैरान होती थी। मेरे यह गुण मैंने कोई जप तप से प्राप्त नहीं किए हैं, जन्म से ही है। मैं जन्मजात सिद्ध हूं. I am a born King…

मेरे पर शंका मत करो ।कुछ भी मांगोगे ;मिल सकता है। यहां ठगैति नहीं है। क्यों का कोई जवाब नहीं। यहां सुपर कंप्यूटर है…

भीड़ नही चाहिए। जरुरत मंद और श्रद्धालु चाहिये। जहाँ रुचि नहीं वहाँ P3Y नहीं…

जो मेरा स्मरण करता है, उसका मुझे सदैव ही ध्यान रहता है। मुझे यात्रा के लिए कोई भी साधन - गाड़ी, तांगा या विमान की आवश्यकता नही है। मुझे तो जो प्रेम से पुकारता है, उसके सम्मुख मैं अविलम्ब ही प्रगट हो जाता हूँ। "मै अपना वचन पूर्ण करने के लिये अपना सर्वस्व निछावर कर दूंगा। मेरे शब्द कभी असत्य न निकलेंगें…

मेरे कहे अनुसार करोगे, तो ही आप फैलोगे…

हम तो फैलेंगे ।जो फैलाव में बाधक होगा, उसके लिए मैं नहीं हूं…

साधना में और जीवन में खूब धैर्य रखना…

ईमानदार के लिए कोई नियम नहीं; सब नियम बेईमान के लिए हैं…

जो मै कहू आँख मूँध कर करो सब ठीक रहेगा…

I live everywhere. Everywhere includes my pictures. When you look at my picture you have my darshan. It is a very real and living darshan. And know that just as you see me even so do I see you. Wherever you go and whatever you do I will always be there. I will never leave you. There is no escaping from my love…

मेरे नाम से तू जो कहेगा, वह होगा। मिलावट करेगा, उसके ही देवी- देवता उसके पीछे पडेंगे…

स्वयं पप्र करो-अपवाद, छोटा बच्चा, बहरा-गूँगा, बेहोश व्यक्ति…

हम क्यों depress होवे? उस को depress कर दें। हम क्यों उस के कारण depress हो। परमजी हैं न साथ। सामने वाले को depress करो…

कौन ,क्या कह रहा है ,यह मत देखो ।अपने अनुभव पर चलो…

मेरा कितना आदमी बना,वही मेरा लक्ष्य ।कोई क्या कहता है, उसी से मुझे क्या मतलब?

P3Y के अतिरिक्त कुछभी सत्य नहीं है ......और जिस दिन से तुम प्रति श्वास परमजी में जीयोगे,P3Y प्रचार में लग जाओगे ....सफल हो जाओगे…

हो सके, वहां तक, झगड़ा टालो । फिर भी झगड़ा करना ही पड़े, तो मरने की तैयारी रखकर वीरता पूर्वक लड़ो…

परमजी की निन्दा से खराब प्रारब्ध आगे आ जाता है…

मेरे पास बहुत है, केवल सूचना का अभाव है…

आप लोग डिप्रेश न होना ।डिप्रेशन आवे तो दूर हो जाए, ऐसा मुझ से मांगो ।परम स्वास करो…

मैं चाहता, मेरी विद्या से सब सुखी हो । जो मेरा ठीक से प्रयोग करेगा,वह आगे बढ़ेगा…

परमजी साहित्य मुफ्त नहीं देना –आदेश…

आप बुद्धिमान हो। आप बीमार नही पडोगे। Sick leave लेने की नौबत नहीं आएगी…

परिणाम तो करनेसे आएगा…

Har mahina Shivratri manana… List मैं ही दे दूंगा…

I work through you for 24 hours…

आप अपने धर्म का करते हो, करो; मगर मेरे से मिलावट नहीं…

मेरे पर मन लगा कर बोल। ऐसा करने वाले में हम ही घुस जाते हैं, हम ही बोलते हैं…

मैं अपने समय में बड़ा हूं। अध्यात्म चाहिए ।मांग लो, मिल जाएगा। धन मिलेगा ,मांग लो। आराम से रह…

यदि नियम में रहे, तो मेरे से लाभ ही लाभ है। पप्र में एक रु. देने की प्रतिज्ञा से 2 से लेकर 1000 रु. तक का लाभ होता है…

काम ना बने तो ,अपनी गलती खोजने के लिए 5 क्लास अटेणड करने का पप्र करना पड़ेगा…

मेरा पता नहीं लगाओ, खो जाओगे…

यात्रा में मौन रहो। सिर्फ पत्रिका से प्रचार करो। ज्यादा बोलने में कोई गुंडा लूट सकता है…

Money is next to God…

यदि नियम में रहे, तो मेरे से लाभ ही लाभ है । P3Y प्रचार में एक घंटा दोगे,तो मन में शांति, आनंद 2 se 1000 घंटे…

प्रेम से बोलना । जिस ढंग से मैं कहता हूँ, उसी ढंग में कहना…

खाने-पीने के लिए उधार नहीं लेना । पिताजी की संपत्ति से काम चलाना चाहिए, लेकिन कमा कर के फिर लौटा देना चाहिए…

जो मेरे लायक हैं, उन सबको अनुभव होगा; जब मांगे, तब होगा…

प्रत्येक 10 किलोमीटर पर,P3Y ध्यान सेंटर बनायें…

परमजी से नुकसान तनिक भी नहीं है ।जो नुकसान प्रतीत होता है, वह अपने प्रारब्ध के कारण है ।प्रारब्ध को बदलना हो तो P3Y प्रचार और परम ध्यान प्रति दिन करो…

परम जी कहते हैं -कोई भी मनुष्य, जो मानव भाषा बोल सकता है, वह कहता है ;मेरे में श्रद्धा विश्वास है ।मगर एक ही परीक्षा या एक छोटी सी ट्रायल उसके श्रद्धा विश्वास की पोल पट्टी खोल देता है…

प्रतीक सिक्कों से अनेक,लाभ हुए हैं और भविष्य में भी होंगे ।घर में सुख - शांति तथा समृद्धि बढ़ते हैं…

अपना मन धोका देता हे…अपने मन से सावधान रहे…समय समय अपने मन को समजते रहे…परम योग करे और मांग ले मन शांत हो जायेगा…

मेरे से कुछ भी संभव है ।पप्र में आप रुपये बढाते जाइए,परमशक्ति लेगी,तो उतना ही, जो वह काम के लिए जरूरी है…

Sometimes you may feel, sometimes you may not feel, that I am working through you. But I will work through you always. You will know all, when the people will tell you there Anubhava (experience)…

दया दिखाना नहीं। लघुता न रखो।रास्ता निकालो।क्या बना, यह सोचो; क्या नहीं बना, यह नहीं सोचो…

मेरा स्मरण कर के बोलोगे, तो सिंह बनोगे, inferiority नहीं रहेगी ।मगर सिंह बनने के बाद मेरे पर चढाई नहीं करना…

आशीर्वाद साथ है; कर के तो देखो…

मेरी हर बात मानते जाना;आँख मूंदके करना…

प्रति सप्ताह मिनिमम एक घंटा P3Y prachar कीजिए । मेरा स्मरण कर के लोगों के पास जाना । ज्यादा आशा नहीं लगाना…

किसी की निंदा ना करो और ना ही किसी की निंदा में बहो अपने अनुभव पर चले चलो…

अति प्रश्न नहीं करना । मौन रहना…

मेरी शरण लो। मेरे आदेश का पालन करो। मेरे निंदक से दूर रहो…

रोज शरीर, मन,बुद्धि, अहंकार, सभी कर्म, कर्म फल और जीवन मुझे अर्पण करो; पूरी एकाग्रता से करो…

Be my friend and I will be your friend and fan. Accept me and I will be your nearest, dearest, most beloved and most loving relative. I can make you happy right now and also at the moment when your so-called relatives, friends and fans desert and disown you. Make unconditional surrender to me and I will give something greater than Mukti (Salvation, liberation, enlightenment). Pleasure of heaven or Mukti is nothing before the state that I will give you. If you take pleasure in becoming host please do Sadhna under my guidance. It will give you better life and existence than you are enjoying at present. The opportunity is given. Avail it or miss it. The rest I leave to you to decide…

अपनी गलती खोजो…

अगर तुम निश्चिंत होना चाहो, तो छोटा-सा काम है। बस.. ज़रा सी तरकीब है, ज़रा-सी कला है-- और कला यह है.. अपने को हटा लो और परम जी करने दो। चाहे जो करे। करे तो ठीक, न करे तो ठीक। पहुँचाए कहीं तो ठीक, न पहुँचाए, तो ठीक। तुम सारी चिन्ता उस पर छोड़ दो। जिस पर इतना विराट जीवन ठहरा हुआ है, चाँद तारे चलते हैं, ऋतुएँ घूमती हैं, सूरज निकलता है, डूबता है।.....इतना विराट जीवन का सागर, इतनी लहर जो सम्भाले हुए है, तुम्हारी भी छोटी लहर सम्भाल लेगा। तुम अपनी लहर को अपना अहंकार मत बनाओ। तुम अपनी लहर को उसके हाथ में समर्पित कर दो…

एक बार नींद तूटने पर फिर सोना नहीं…

सब चिंता प्रकृति पर छोड़ दो; वह ठीक कर देगी…

धीरज रखो । Immediate gain पर ज्यादा मत सोचो । जिस में लंबा फायदा होता है, उस में शुरुआत में घाटा भी होता है; फिर भी धीरज रखो…

बस सिर्फ मेरा ही नाम लो, मंत्र की कोई आवश्यकता नहीं…

Follow Me blindly. तुम जीवन में उतना ही करना, जितना मैं कहुँ…

मेरे पास कोई घाटे में नहीं रहता…

प्रति 100 metres के अंतर पर मेरा आदमी है ही।आप जाकर उसे जगाओ। मेरा काम करो ; खूब सन्मान, पैसा और आराम मिलेगा…

आना न छोडना, मुझे नमस्कार करना, साधना (परमयोग) रोज करना, मेरे आगे झूठ नहीं बोलना…

जहाँ जाओ, मेरा स्मरण कर के जाओ।मन मेरे पर, वाणी उस पर…

मेरा पराशक्ति आपके साथ है; आप यत्न करो,सफलता अवश्य मिलेगी…

मन कैसे ठगता है, वह जानो ।मन से सावधान रहना । दूसरे विचार कैसे घूसते हैं, वह देखो…

मेरा वाणी काम करती है, मेरी पराशक्ति काम करती है…

Negative thinking कभी न करो…

मेरी बात मानना; आप ज्यादा सुखी होंगे…

मेरी आज्ञा का उल्लंघन कभी नहीं करना…

विकास करना हो, तो निंद्रा, तंद्रा और भय छोडो । परेशान कभी नहीं होना…

समर्पण कर दो ।पूरा समर्पण कर दो…

मेरा स्मरण कर लेना; सब ठीक रहेगा…

कोई, अगर दूसरे की शिकायत आप के पास करे; उस से सतर्क रहो…

भविष्य में जब आगे बढ़ जाओ,तब अभिमान न करना। मुझे गौण मत करना…

व्यर्थ की बातें न करो; स्वार्थ सर्वत्र है…

मैं कहुँ, वह आँख मूंद के करो; उस में बुद्धि का प्रयोग नहीं। Preplanned- प्री प्लान्ड-रहो। प्री प्लान्ड रहने से डिप्रेशन नहीं आएगा…

मनोबल गिराना नहीं ।जो मनोबल गिराए; उस को मारो, मगर मनोबल न गिराओ…

समर्पित रहो। आप के लाभ में होगा, वही होगा। नुकसान कारक काम नहीं होगा। मेरे कंधे पर बंदूक न रखो…

डीप्रेस कभी न होना। दूसरों की बात न मानना; कुत्ता भोंक रहा है, ऐसा मानना।लोगों से दबना नहीं…

अतिविश्वास और अविश्वास dono galat hai. Sadhana karte jav. Judgement aa jayega…

Sadhna roj karna. Mere..मेरे ..aage juth nahi bolna…

धैर्य रख, सब ठीक रहेगा…

Jis me lamba fayda hota hai, us me shuruat me ghata bhi hota hai. Phir bhi dhiraj rakho…

मेरी शरण लो, मेरे आदेश का पालन करो…

हरेक कार्य धीरे धीरे होता हे…

हरेक कार्य का फल उशके उचित समय पर ही मिलता हे…

मुझ पर सब छोड़ दो…

P3Y करने में सावधानी रखनी पड़ती हे…

ईमानदार रहो, ईमानदार व्यक्ति को कोई नियम लागु नहीं पड़ता…

मेरी आज्ञा का पालन करो और लोगों को P3Y सीखाओ। मैं तेरे द्वारा कार्य करूंगा…

मेरे निंदक से दूर रहो…

ऐसे गृहस्थ बनें, कि थोड़ी खुशी में अहंकारी न बनें; और थोड़ा दुख आने पर अत्यन्त दुखी न हो जाएं…

सारा अपजश मुझ पर छोड़ दो…

अपनी गलती खोजो…

Vigyan se jab log thack jayenge, tab Parmatma ke sharan lenge…

जो brain पैसा नही कमा सकता, वह brain साधना भी नही कर सकता…

साधना में और जीवन में खूब धैर्य रखना…

मेरी सिद्धि का प्रयोग करने वाला आगे बढे ओर विनम्र रहे…

वीर बनो । राम और कृष्ण ने भी हथियार उठाए थे । अहिंसा में मानने वाले मार खाते हैं…

साधना से शांति और सद्भुधि प्राप्त होती हे, साधना से कोई स्थूल चीज प्राप्त नहीं होती हे,वह तो साधना से बने शांत मन और सद्भुधि के उपयोग करके प्राप्त करनी पड़ती हे…

मै सब मे हू ।सब के उपर भी हू।सिर्फ Mera ही अस्तित्व है…

Sadhna= ParamYog साधना करते रहो। मेरा ध्यान करो। मेरे मे पूर्ण विश्वास रखो । सब कुछ मेरे पर छोड़ दो। धैर्य रख। सब ठीक रहेगा…

यात्रा में किसी का विश्वास नहीं करना । व्यवहार में भी इतना ही विश्वास करना, कि जितने से काम चले ।मनोबल गिराना नहीं ।जो मनोबल गिराए; उस को मारो, मगर मनोबल न गिराओ…

मैं चाहता, मेरी विद्या से सब सुखी हो । जो मेरा ठीक से प्रयोग करेगा,वह आगे बढ़ेगा…

आप सतर्क रहना। लोग कामी,लोभी कहकर, या ये दोनों कह न पावे, तो अंत में क्रोधी कहकर बदनाम करेंगे…

अच्छे व्यक्तियों का साथ दो, सहायता करो तथा एकता रखो। बुरों को हतोत्साहित करो तथा उनका पर्दाफाश करो। अपने को समर्पित करो और मुक्ति पाओ। मेरे द्वारा बताई गई साधना (परमध्यान) करो। मुझमें विश्वास रखो। तुम बच जाओगे…

लोग बोलते ही रहते हैं। मेरे पर असर नहीं होता है। अपना प्रॉफिट किसमें है, यह देखो…

मेरे से असंभव भी संभव है…

अपने कर्त्तव्यों का पालन अच्छी तरह करो…

धैर्य पूर्वक सुनो, अन्य को भी शान्ति पूर्वक अपनी बात कहो…

भगवान शिव और माता पार्वती जैसा जीवन जियो…

अपने शरीर, मन तथा आत्मा की आवश्यकताओं पर ध्यान दो…

सही दिशा से कमाओ, सही दिशा में खर्च करो और आनंदमय रहो…

P3Y आपका जीवन आनंदमय बना देगा…

भगवान आप के गुरु नहीं हो सकते…

पुस्तक आप की गुरु नहीं हो सकती…

परमयोग पीड़ित को आनंद, बहिष्कृत और निराश को आशा, वीर को साहस, साधक को दोष मुक्तता तथा सिद्ध पुरुष को मुक्ति देता है…

ऐसे गृहस्थ बनें, कि थोड़ी खुशी में अहंकारी न बनें; और थोड़ा दुख आने पर अत्यन्त दुखी न हो जाएं…

सद्वृत्ति बदलना नहीं । नियमित परमयोग करना…

मेरा प्रचारक अगर सुजाव देता हे उसकी बात मानो उसमे आपको फायदा ही होगा और भारी नुकशान मे से बचोगे…

I care my followers till I give him mokash…

निंदा स्तुति सब साथ चलते हैं। दिन रात साथ ही चलते हैं…

साधना, समर्पण और मेरा कहना मानने से प्रारब्ध भी बदला जा सकता है…

भूतकाल में नहीं जियो, वर्तमान में मेहनत करो…

जिस ढंग से मैं कहता हूं, उसी ढंग में कहना…

समय का विभाजन ठीक से करो, खूब पैसा कमाओ…

साधना (परमयोग) में और जीवन में बहुत धीरज रखना। ज़रा भी जल्दी नहीं करना…

जीवन बनाने के लिए 5 मिनट का परमयोग काफी है…

मेरे नाम से संकल्प यानि पप्र करो, लौकिक काम हो जायेंगे। लौकिक काम के लिए साधना नहीं करना, सिर्फ पप्र और प्रचार करना, काम जल्द बनेगा…

यह विद्या प्लग जैसी है, Point समर्पण है…Point समर्पण हो गया, शरीर में पूरा ब्रह्माण्ड है, केवल अनुभव करने का है…

अगर श्रद्धा होगी तो क्षणिक-क्षणिक चमत्कार दिखाई देंगे…

अपने शरीर,मन और आत्मा की जरूरतों पर ध्यान दो…

कोई किसी को नहीं खिलाता, सब निमित्त बनते हैं…

अन्य को मारना हिंसा है, परंतु अपने को मार खाना महा हिंसा है…

मेरी पराशक्ति है, मेरा स्मरण के साथ विनम्रता रखो…

परमजी की परम शक्ति जीवन के हरेक क्षेत्र में काम करती है…

हरेक व्यक्ति को समस्या है, मेरा स्मरण करके जाओ…वो victorious (विजेता) होगा…

हरेक व्यक्ति को समस्या है, मेरा स्मरण करके जाओ, समस्या का समाधान मिल जायेगा…

पप्र के सभी वाक्य तथा बार-बार पैसा बोलने की ज़रूरत नहीं। परमजी बोले- जो अपनी आदम में से(10%) या जो उसको उचित लगे उतना पैसा हर महीने निकलता हो, जो मेरा कट्टर हो, जो खूब P3Y प्रचार करता हो, वह(1रुपया) बोलेगा तो भी उसका बड़ा काम हो जायेगा…

खाने-पीने के लिए उधार नहीं लेना…

मेरा कट्टर हो…अपनी Income का (1%) भी देता हो तो सुबह शाम सिर्फ परमजी का नाम लेगा तो भी आध्यात्मिक विकास होगा, सिर्फ मांगेगा तो भी मिलेगा…

प्रचार में ज्यादा प्लानिंग नहीं करो। लोगों का भी प्रारब्ध है। प्रारब्ध अनुसार प्रचार होगा। प्लानिंग मुझे ही करने दो। हमारा अपना योजना है, उसी अनुसार मैं करूंगा। Experiment मुझे ही करने दो। प्रबल प्रारब्ध नहीं मिटता…

समर्पण कर दो…

गलती हुई हो तो परमजी को बता दो। अच्छे कार्यकर्ता को मैं नहीं छोडूंगा…

परमनिंदक को जवाब दे देना, नम्रता से या उग्रता से…

परम सेवक गरीब नहीं रहेगा…

अति आशा बहुत खराब होता है…

पप्र (10 लाख) साल तक काम करेगा…

हमारा प्रारब्ध बड़ा ऊंचा है, कम से कम खर्च में (परमजी) अच्छे शुभचिंतक हैं…

मेरे पर संयम करने से आध्यात्मिक अनुभव होंगे…

मनोबल बढ़ने पर शक्ति बढ़ती है…

आमद से खर्च हमेशा कम होना चाहिए…

Listen them Patiently, Dispose them politely…

मेरी भविष्यवाणी कभी न झुठी हुई है, ना होगी…

लक्ष्य बनाओ, लक्ष्य clear रखो, लक्ष्य के अनुकूल चलो, लक्ष्य के प्रतिकूल कोई बोल रहा है तो उस पर ध्यान मत दो, लक्ष्य के अनुकूल वालों को ही सुने…

When all fail still Papr works…

चौरासी लाख योनि हैं…आदमी चाहे तो (2मिनट) में मिटा सकता है। उसके लिए पूर्ण समर्पण चाहिए। पूर्ण समर्पण यानि कि सब कुछ परमजी का। जीवन परमजी और परमजी के आदेश का पालन। 100% परमजी मुखी बनना…

लोग कुछ नहीं कहते हैं, व्यक्ति अपने ही मन से दुखी होता है…

12 साल मेहनत करने से (लक्ष्मी यन्त्र ) सिद्ध होता है। जबकि मेरे से मांगो लक्ष्मी आयेगी…

Concentration में आनंद आता है। आनंद अंदर से आता है। मेरे फोटो पर concentration से (10 गुना) आनंद आयेगा…

परम प्रचार से आध्यात्मिक उन्नति होगी, अच्छा टाइम पास होगा,सम्मान मिलेगा, अर्थ मिलेगा, इनाम मिलेगा…

P3Y से कितना सुंदर लाभ और सुखद अनुभव होगा, ये अनुभव आप खुद ही मुझे बताएंगे…

सत्य में बहुत बड़ा बल है…

विवाह लाइफ में, Married life में, सुख के लिए कभी शंका नहीं करना…

मनुष्य अपने से ही सुखी-दुखी होता है। Negative thinking कभी न करो। पूरा प्रयत्न करो सफलता अवश्य मिलेगी…

तू लीडर बनेगा…

जो केवल अच्छा साधक होगा, वह मेरे से नहीं हट पायेगा। चाहे औरत हो या मर्द…

टेन्शन बढे तो परमनाद वाली क्रिया 10 बार करना…

कहां कड़ा होना, कहां विनम्र होना, वह मुझे आता है…

अपना कहते जा, कहते जा, कहते जा, लेने वाले आ ही जायेंगे…

एक ही विचार बनाओ,अपना सुनाना है, विरोधियों को भगाना है…

परमजी काम से ऊपर हैं, लक्ष्य अपना सीधा रखो…

तेरे पास पैसा आयेगा। फिर भी,अभी की तरह विनम्र रहना…

बिना ( Attachment) काम करो। बिना गुस्सा लड़ाई करो…

जश चाहो लेकिन उसका अभिमान मत करो…

जब आप परमजी को कुछ देते हैं, तब उससे कई गुना आपको मिलता है…

आशीर्वाद का बहुत बड़ा असर होता है…

P3Y विरोधी हट जाए, तो क्या फर्क पड़ता है! हमारा तो एक ही है; चोर-बदमाश को नहीं आने देना है…

पप्र में पकर की राशि 1रुपया( rupee) से करोड़ों(rupees), Income one day, Income to 1year, Income 1% to 50%, इतने में काम हो जायेगा…

रोगी ही सूर्योदय के बाद तक सोता है…

जो काम नम्रता से बन जाए, उसमें कड़ा बनने की जरूरत नहीं…

इच्छा वाक्य लिख, शत्रु के विरोध में(सोच) लिख, एक से एक बढ़कर विचार आयेंगे। वह भी परमजी की सिद्धि होगी…

मैं सबके लिए हूं…Undevelop व्यक्ति को मैं अनुकूल नहीं पड़ता…

प्रति दस हजार (10,000)आबादी पर एक पुरुष प्रचारक और एक महिला प्रचारक चाहिए…

सच को आधार बनाकर महान बन…इस जन्म में ही मुक्ति मिल जायेगी…

P3Y में धूप, दीप नहीं हैं, व्रत उपवास नहीं हैं (No धूप, No व्रत, उपवास)…

साधना (परमयोग) करो स्वयं को पहचानो…

संन्यासी का एक ही कर्म है सत्य बोलना…

सुख में व्यक्ति पूजा-पाठ करता ही नहीं है। पूजा-पाठ का लक्ष्य मानसिक शांति और प्रारब्ध फल भोगने का धैर्य होना चाहिए…

दुखी मत हो, तुम ने मुझे प्राप्त कर लिया है, सब ठीक कर दूंगा…

प्रत्येक कर्म का फल भोगना ही होता है…

खोपड़ी अगर ठीक है तो सब जगह आनंद है…

समय का विभाजन करना अत्यंत आवश्यक है। सब अपने निर्धारित समय पर ही करो…

यदि धैर्य से (धीरज) से काम किया जाए तो खराब परिस्थिति का भी फायदा उठाया जा सकता है…

यात्रा में किसी का विश्वास नहीं करना, व्यवहार में भी उतना ही विश्वास करना जितने से काम चले…

संकल्प यूनिवर्सल लॉ बन गया है यह मेरे बाद भी काम करेगा। संकल्प यानि (पप्र)…

Gain is certain…अन्य महात्माओं के पास ये नहीं है…यह यानि (परमशक्ति, पराशक्ति)…

परमनिंदक का मनोबल गिरा देना, चाहे वह कोई भी व्यक्ति हो उसको सुना देना…

भूत-प्रेत है मगर मेरे नाम से भूत भागता है, कोई तांत्रिक का असर नहीं होता है…

प्रज्ञा अपराध करने वालों को मानसिक रोग होता है। परमजी कहते हैं कोई अपने ऊपर उपकार करे और व्यक्ति उस उपकार करने वाले व्यक्ति का अपकार(निंदा) करे, तो वह प्रज्ञा अपराध है। उसका दण्ड है मानसिक रोग। अन्त में उसे मेरे पास आना पड़ेगा…

या तो मैं सत्य बोलूंगा या तो मैं चुप रहूंगा…

अपना देखो कहां गलती करते हो। मुझे एक ही बार ठगा जा सकता है। व्यक्ति ने पप्र किया और बाद में (पकर रुपया, पकर प्रचार) नहीं किया, इच्छा तो पूरी हुई/हो गई। एक बार ही ठग सकता, दूसरी बार उसका काम नहीं होगा…

पब्लिक कार्य में थोड़े बहुत घास-पूस आयेंगे, फिर भी प्रचार में लगे रहना…

जब तू मेरे पर ध्यान लगायेगा तो तेरे (brain) में से विशिष्ट प्रकार के view निकलेंगे…

हम पक्षपात नहीं करते हैं…

01 July 2022 Friday P3Y Masik Papr Class

02 July Saturday P3Y Param Dhyan Class

03 July 2022 Sunday P3Y Masik Kushal Vidyarthi Class, P3Y Lakshmi Sammriddhi Class, P3Y Good Luck Card Recharge, P3Y Barkat Card Recharge, P3Y Grah Nakshatra Card Recharge, P3Y Suraksha Card Recharge, Param Vibhuti Recharge

07 July 2022 Thursday P3Y Kushal Vidyarthi Class, P3Y Vidyarthi Suraksha Card Recharge

09 July 2022 Saturday P3Y Param Dhyan Class

10 July 2022 Sunday P3Y Lakshmi Sammriddhi Class, P3Y Barkat Card Recharge, Ashari Ekadashi Special Class

10 July 2022 Sunday P3Y Rog Nivaran Anusandhan Class at 12:00 Noon on Google Meet

13 July 2022 Wednesday P3Y Guru Purnima Mahotsav

14 July 2022 Thursday P3Y Kushal Vidyarthi Class, P3Y Vidyarthi Suraksha Card Recharge

16 July 2022 Saturday Paramji Bhakti Mas Shuru, Paramji Samvat 29 Shuru, P3Y Param Dhyan Class

17 July 2022 Sunday P3Y Lakshmi Sammriddhi Class, P3Y Barkat Card Recharge

17 July 2022 Sunday P3Y Lakshmi Sammriddhi Anusandhan Class at 12:00 Noon on Google Meet

21 July 2022 Thursday P3Y Kushal Vidyarthi Class, P3Y Vidyarthi Suraksha Card Recharge

21 July 2022 Thursday P3Y Kushal Vidyarthi Anusandhan Class At 9:00 pm on Google Meet

23 July 2022 Saturday P3Y Param Dhyan Class

24 July 2022 Sunday P3Y Lakshmi Sammriddhi Class, P3Y Barkat Card Recharge, P3Y Kamika Ekadashi Special Class

26 July 2022 Tuesday P3Y Masik Shivratri Class

28 July 2022 Thursday P3Y Amavasya Class, P3Y Kushal Vidyarthi Class, P3Y Vidyarthi Suraksha Card Recharge

30 July 2022 Saturday P3Y Param Dhyan Class

31 July 2022 Sunday P3Y Lakshmi Sammriddhi Class, P3Y Masik Rog Nivaran Class, P3Y Barkat Card Recharge

Almanac

What is P3Y?

Paramji, Papr, and Param Yog

1. Paramji

P3Y includes three Ps and Y. The power behind this system is the first P — Paramji. We draw on his divine power, by following the due procedure, to make a happy life happier and overcome any obstacles or daily life challenges we might face. Paramji is not a God, avatar, apostle, saint, preacher, or religious leader. Paramji was born with the divine power, which he channelizes to solve our problems and free us from various life challenges. P3Y is not a religious organization, syndicate, guild, or institution; however, you can utilize P3Y to make your spiritual journey more fruitful and deepen your devotion to your chosen divine power.

2. Param Prayog (Papr)

The second P is Param Prayog (Papr) परम प्रयोग (पप्र) – the practical manifestation of this system. It is the experiment you perform to establish the validity and utility of P3Y. There are 11 lines to be spoken, of which the first eight lines will remain constant — as though you are dialing Paramji’s phone number. The ninth line is where you express your wish. Only positive wishes, which will be beneficial for you and your loved ones or society in general, will be granted. P3Y will not let you inflict harm to yourself or to anyone else. The 10 th line is where you promise some monetary payment as pakar to Paramji in fulfillment of your desire. Pakar is the money you promise to pay Paramji in lieu of getting your desires fulfilled. In the 11 th line, you promise to teach/inform/explain others about P3Y. Again, the rationale is that you don’t benefit alone, but extend Paramji’s grace to those who might need it.

  1. Paramam Sharanam Gachhaami
  2. Hansam Sharanam Gachhaami
  3. Adwaitam Sharanam Gachhaami
  4. Anandam Sharanam Gachhaami
  5. Charanam Sharanam Gachhaami
  6. Hey Paramji
  7. Mujh Par Kripa Karo
  8. Sir Jhukakar Paramji Ko Namaskar Karta/Karti Hoon
  9. Today Give Me Mental Peace
  10. As Soon As My Desire is Fulfilled, in Pakar I Will Give 1/10/100 Rupees to Paramji
  11. As Soon As My Desire is Fulfilled, in Pakar I Will Explain Paramji – Papr – Param Yog To 1 – 5 – 10 – 50 New Persons

Note: In the 10th and the 11th sentences, the sum committed to be fufilled as Pakar / number of people to whom P3Y will be propagetd have to be determined by the individual in accordance with the benefit to be derived

 

Param ji (Ppr) -Bhartimaaji

3. Param Yog

Sadhna = ParamYog
साधना करते रहो। मेरा ध्यान करो। मेरे मे पूर्ण विश्वास रखो। सब कुछ मेरे पर छोड़ दो। धैर्य रख। सब ठीक रहेगा।
The third P and Y are Param Yog (परम योग). It is the means to accomplish your goals. Param Yog is vital at many levels for everyone. Put simplistically, there are two breathing techniques practiced depending on whether you have some privacy, or you are in public, in the classroom, at the workplace, or even in the market. Apart from calming you, it aids in lowering or controlling your blood pressure; stabilizes your mood; deepens concentration; sharpens IQ, especially of youngsters; and wards off or combats mental health issues, such as depression, tension, anxiety, and – to a limited extent – memory loss. Regardless of your age, Param Yog also helps increase your ability to learn.

Paramji Vachan …
परम योग, मेरे प्रति लगाव, मेरा प्रचार — ज्यादा होंगे, तब मैं आपके घर दिखाई दूँगा।

Benefits of P3Y

1. Business

  • For beneficial deal
  • For getting payment in time
  • Clearance of unsold stock before its expiry 
  • For customer satisfaction
  • For good health and physique to sustain the pressure of business
  • For smooth transport issues
  • For safety of shops, products and family from theft, natural calamity etc.
  • For timely approval of loan for business

2. Job

  • For job satisfaction
  • For protection from jealous and anti employee
  • For getting appropriate support / recognition from seniors
  • For recognition of work
  • For increment in recognition of performance
  • For promotion
  • For getting good opportunities
  • For the success in the interview
  • For getting cooperation from other members of the department
  • For fulfilling the target in minimum time and mistake
  • For getting beneficial overseas trip on behalf of the organization

3. Family

  • For peace of family
  • For peaceful marriage life
  • For children’s education and development
  • For good savings
  • For the proper utilization of earning / income
  • For the good health of all the family members
  • For getting protection from ‘Ghost’…’Phantom’…’Witchcraft’ etc.
  • For getting suitable matrimonial proposal for children
  • For getting freedom from addiction

 

4. Education

  • For success in exam
  • For increasing the IQ  (Intelligence Quotient)
  • For increasing the memory power
  • For minimum sickness during examination
  • For avoiding nervousness
  • For increasing talent

 

5. Mind & Soul

  • For Meditation
  • For Mental Peace and Satisfaction
  • Salvation (Get rid of cycle of life & Death)
  • For the development of mundane and supra-mundane achievements
  • For a better future, peace, and harmony

6. Health

  • For mental disease like Depression, Insomnia, Phobias, Schizophrenia etc. 
  • For chronic diseases like Blood Pressure, Blood Sugar, Asthma, Sinus etc.    
  • For Body Ache, Stomach Ache, Head Ache etc.
  • For relief in any kinds of infectious diseases, Viral Diseases, Bacterial Diseases etc.
  • For relief in ailments 
  • For any kind of injury etc.
UPCOMING

P3Y Special Classes

P3Y Param ji Dhyan Chitra - bharti maa ji

Paramji Bhakti Maas Special Classes

P3Y Param ji Dhyan Chitra - bharti maa ji

P3Y Lakshmi Sammriddhi Anusandhan Class

Testimonials
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Charnam Sharnam Gachhami…main Bedapriya Lahiri…hamare roka ceremony ke wishes ke liye ap sabko bohot saara thank you. Paramji ke blessings ke sath mera ye journey ka beginning bohot sukhkari raha. Bharti aunty ko unke dher saare pyar aur ashirwad ke liye mera bohot sara thank you. Agey aisei Paramji ki kripa humpar bani rahe. Aur Bharti aunty ki blessings aur guidance ke sath hum agey badhte rahe. Is pure anubhav ke liye…Thank you Paramji…Thank you Paramji…Thank you Paramji and Thank you so much Bharti Aunty…Charnam Sharnam Gachhami…

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Charnam Sharnam Gachhami…mai Asha, aap sabhi se apne bete ke 2 June, 2021 ki Maha Shakti Divas class ka anubhav batana chahti hu. Mere bete ne class me mann laga kar scooty lene ki iccha maangi thi lekin uss samay mere husband job nhi kar rhe the. Parantu iccha maangne ke sirf 15 din baad hi mere husband ne ek CA ke pass kaam kia jinhone hume Scooty pradan ki. Mai aur mere parivar par Paramji ki aisi hi kripa bani rahe aur Paramji humara marg darshan karte rahe. Charnam Sharnam Gachhami…

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चरणं शरणं गच्छामि…मेरा नाम बीरेन्द्र बर्मा है, मैं हिमाचल प्रदेश जिला मन्डी से हूं, मैं अपना अनुभव बताना चाहुँगा। मैं 22 सालों से P3Y कर रहा हूँ। मेरी पत्नी अपनी Pvt. नौकरी के साथ profasanl study करना चाहती थी। वे pharmacy लाइन में ट्रेनिंग करना चाहती थी, पर पैसों की दीकत के कारण कुछ परेशानी आ रही थी, कालेज वाले भी कुछ मनेंजमेंट सीट कम होने के कारण फीस ज्यादा माँग रहे थे, कालेज जो 1lac donation माँग रहे थे बार बार request करने के बाद भी फीस बिल्कुल भी कम नहीं कर रहे थे,  मैंनें और उन्होंने P3Y कीया, फीस वो भी आधी हो गई,  परमजी कमजोर average student का भी मनोबल बढाते हैं, साथ देते हैं thanks परम जी और भारती माँ जी चरणं शरणं गच्छामि…

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